Wednesday, 13 June 2018

ये मंज़र - Ye Manzaar

ये मंज़र - Ye Manzaar


बाद तुम्हें खोने के अब तो ये मंज़र की मेरे संग,
दीवारें रोया करती हैं और घर गुमसुम रहता है

-राकेश"राज"

Baad tumhe khone ke ab to Ye Manzaar ki mere sang,
Diware roya karti hai aur Ghar gumsum rehta hai..

-Rakesh"Raj"

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