Thursday, 7 June 2018

दूर रहकर

तुझसे रहकर दूर भला वो ख़ुश कैसे रह सकता है,
फ़क़त ख़ाब में तुझसे बिछड़कर जो रोया हो देर तलक़

-राकेश"राज"

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